कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी को राज्य में बड़ा झटका लगा है। बीजेपी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मोतीउर रहमान शनिवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो गए। मोतीउर रहमान 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार रह चुके हैं। उन्हें मालदा के हरिश्चंद्रपुर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार ने हरा दिया था।
मोतीउर रहमान टीएमसी के सीनियर नेता एवं मंत्री ब्रत्य बसु तथा राज्यसभा सदस्य नदीमुल हक की मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस के मुख्यालय में पार्टी में शामिल हुए।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव अप्रैल-मई में होने की संभावना है। बसु ने कहा कि रहमान ने 2021 के चुनावों में काफी संख्या में वोट हासिल किए थे, जिससे पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले इस विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी को दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने में मदद मिली थी। बसु ने कहा, ''उस समय कई लोगों ने कहा था कि इलाके में काफी संख्या में लोगों ने बीजेपी को नहीं, बल्कि मोतीउर रहमान को वोट दिया था। उनकी लोकप्रियता और सामाजिक कार्यों ने उन्हें व्यापक समर्थन दिलाया है।''
मोतिउर रहमान ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में शुरू की गई विकास पहलों का हिस्सा बनने के लिए तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ''चौदह से पंद्रह साल पहले ग्रामीण बंगाल में विकास बहुत कम था। ग्रामीण इलाकों में न तो उचित सड़कें थीं और न ही पीने के पानी की सुविधा। ममता बनर्जी के सत्ता में आने के बाद विकास हुआ है। मैं उस विकास में योगदान देने के लिए तृणमूल में शामिल हुआ हूं।''
बता दें कि इससे पहले 19 फरवरी को बीजेपी विधायक बिष्णु प्रसाद शर्मा तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। बिष्णु प्रसाद शर्मा दार्जिलिंग जिले की कुर्सियांग सीट से बीजेपी विधायक थे। बताया जाता है कि पिछले काफी समय से बीजेपी से नाराज चल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने गोरखा समुदाय और दार्जिलिंग के विकास के लिए किए गए अपने वादों को पूरा नहीं किया। साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में हुए विकास कार्यों में अपना विश्वास जताया है।
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